Wednesday, 29 August 2018

इसलिए दुनिया मानती है इस खिलाड़ी को हॉकी का जादूगर, हिटलर भी था इनका 'फैन'

इलाहाबाद। मेजर ध्यानचंद को हॉकी का खिलाड़ी नहीं जादूगर कहा जाता है। आज इस महान शख्सियत का जन्मदिन है। मैदान में लगता था जैसे इनकी स्टिक से गेंद चिपक जाती थी, इनके गोल दनादन ऐसे लगते थे जैसे बैट से छक्के चौके। हिटलर भी इनके खेल का दीवाना था। ध्यानचंद के खेल को लोग कौशल नहीं जादू कहते थे। आज ही के दिन सन 1905 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान दुनिया के इस महान खिलाड़ी का जन्म इलाहाबाद में हुआ था। आज उनकी 113वीं जयंती है। ब्रिटिश इंडियन आर्मी में सूबेदार समेश्वर सिंह के घर इनका जन्म हुआ था। हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने और भारत को ओलंपिक खेलों में गोल्ड दिलाने के कारण उनके जन्मदिन 29 अगस्त को 'नेशनल स्पोर्टस डे' के रूप में मनाया जाता है।


इस तरह बन गये हॉकी प्लेयर इलाहाबाद के रहने वाले हॉकी के पूर्व खिलाड़ी वयोवृद्ध राधेश्याम द्विवेदी मेजर ध्यानचंद के बारे में काफी कुछ बताते है। वह बताते हैं कि प्रैक्टिस के दौरान उनके कोच खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये ध्यानचंद के हॉकी खेलने की शुरूआत के बारे में बताते थे। ध्यानचंद जब किशोरावस्था के थे तब वह पेड़ की लकड़ी तोड़कर उसे स्टिक बनाकर दोस्तो संग कभी कभी खेलते थे। लेकिन एक बार जब अपने पिता जी के साथ हॉकी का मैच देख रहे थे। मैच ब्रिटिश आर्मी टीम के बीच खेला जा रहा था।

पिता ने करवाया था टीम में शामिल लेकिन एक बार जब अपने पिता के साथ हॉकी का मैच देख रहे थे। मैच ब्रिटिश आर्मी टीम के बीच खेला जा रहा था। इस दौरान जब आर्मी की हार लगभग तय था तब ध्यानचंद ने मैच हार रही टीम से खेलने की इच्छा जाहिर की । पिता ने ध्यानचंद को टीम में शामिल करवा दिया और ध्यानचंद ने कुछ ही देर में ताबड़तोड़ 4 गोल करके अपनी टीम को मैच जिता दिया। इसी के बाद आर्मी के अधिकारियों ने उन्हें सेना में शामिल होने व हॉकी खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। बाद में जब ध्यानचंद 16 की उम्र पूरी कर गए तब उन्होंने ब्रिटिश आर्मी जॉइन कर ली और हॉकी खेलने लगे।

इलाहाबाद नहीं संजो सका याद ध्यानचंद के पिता सोमेश्वर सिंह ध्यानचंद को लेकर झांसी चले गए और वहीं पर वह रहने लगे। लेकिन, ध्यानचंद के जन्म व पलने-बढ़ने के बाद ऐतिहासिक तौर पर इस शहर का हमेशा जिक्र आता रहा है। लेकिन, अफसोस की बात है कि इलाहाबाद में मेजर ध्यानचंद कि कोई भी याद संजोयी ही नहीं जा सकी। उन्होंने ने 1928, 1932 और 1936 ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और तीनों ही बार भारत ने गोल्ड मेडल जीता था।



Source: hindi.oneindia.com







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माओवादियों से संपर्क रखने के संदेह में हाउस अरेस्ट सुधा भारद्वाज ने सरकार पर साधा निशाना, दिया यह बयान...

सुधा भारद्वाज (Sudha Bharadwaj) ने कहा कि मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ बोलने वाले और दलितों एवं आदिवासियों के लिए लड़ने वाले लोगों को 'मौजूदा सरकार' निशाना बना रही है.

नई दिल्ली: माओवादियों से संपर्क रखने के संदेह में गिरफ्तार ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज (Sudha Bharadwaj)  ने कहा कि मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ बोलने वाले और दलितों एवं आदिवासियों के लिए लड़ने वाले लोगों को 'मौजूदा सरकार' निशाना बना रही है. कई शहरों में कल की गई छापेमारी की कार्रवाई में भारद्वाज और कई अन्य वामपंथी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था.

भारद्वाज को फरीदाबाद में उनके आवास पर पुलिस अधिकारियों की निगरानी में रखा गया है और उन्हें केवल उनके वकीलों से मिलने की अनुमति दी गई है. उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जो भी वर्तमान शासन के खिलाफ है, चाहे वह दलित अधिकारों, जनजातीय अधिकारों या मानवाधिकारों की बात हो, विरोध में आवाज उठाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ इसी तरह व्यवहार किया जा रहा है.'

उन्होंने कहा, 'मेरा मोबाइल, लैपटॉप और पेन ड्राइव जब्त कर लिए गए हैं. मेरे जीमेल और ट्विटर अकाउंट के पासवर्ड भी ले लिए गए हैं' कार्यकर्ताओं ने कहा कि ये छापे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला हैं और आपातकाल की यादें ताजा करते हैं. उनकी बेटी अनु भारद्वाज ने कहा, 'दस लोग थे. उनमें से हरियाणा पुलिस से केवल एक महिला कांस्टेबल थी. अन्य महाराष्ट्र पुलिस से थे. जब मां ने उनसे तलाशी वारंट दिखाने को कहा तो उन्होंने कहा कि वारंट उनके पास नहीं है.'

कौन हैं सुधा भारद्वाज
सुधा भारद्वाज छत्तीसगढ़ में अपने काम के लिए जानी-पहचानी जाती हैं. वह 29 साल तक वहां रही हैं और दिवंगत शंकर गुहा नियोगी के छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा की सदस्य के तौर पर भिलाई में खनन श्रमिकों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ चुकी हैं. आईआईटी कानपुर की छात्रा होने के दौरान पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में बिताए दिनों में श्रमिकों की दयनीय स्थिति देखने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के साथ 1986 में काम करना शुरू किया था. नागरिक अधिकार कार्यकर्ता एवं वकील सुधा जमीन अधिग्रहण के खिलाफ भी लड़ाई लड़ती रही हैं और वह अभी पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की छत्तीसगढ़ इकाई की महासचिव हैं.

Source: khabar.ndtv.com

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प्रदूषण को मात देता है एलोवेरा, होते हैं इतने फायदे...

भारत के कई शहरों में वायु प्रदूषण व धुंध की समस्या से लोग परेशान हैं. ऐसे में अगर एलोवेरा, स्पाइडर प्लांट जैसे पौधों की संख्या बढ़ाई जाए तो कुछ हद तक धुंध से निजात मिल सकती है. एलोवेरा कार्बनडाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड को अवशोषित करता है और ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाता है. ऐसा माना जाता है कि एलोवेरा का एक पौधा नौ एयर प्यूरीफायर के बराबर होता है.



एलोवेरा को आयुर्वेद में संजीवनी कहा जाता है. इसमें अमीनो एसिड की मात्रा भरपूर रहती है और विटामिन 12 की मौजूदगी से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है. एलोवेरा त्वचा की देखभाल से लेकर बालों की खूबसूरती तक और घावों को भरने से लेकर कैंसर से निजात पाने तक, हर परेशानी से राहत देता है.

एलोवेरा कुछ समस्याओं में ज्यादा कारगर है. यहां एलोवेरा के कुछ उपाय बताए जा रहे हैं.
आंखों की जलन को करें छू-मंतर : ज्यादातर देखा गया है कि कंप्यूटर के सामने घंटों बैठे रहने पर, टीवी को लगातार देखने पर या नींद पूरी न होने पर आंखों की समस्या पैदा हो जाती है. ऐसे में दो चम्मच एलोवेरा जेल को पानी में मिलाएं और इससे आंखों को धो लें. ऐसा करने से आंखों को आराम मिलेगा, साथ ही जलन से छुटकारा मिलेगा.


पिंपल्स और टैनिंग को करें दूर : आप अगर एलोवेरा के ज्यूस का सेवन करते हैं तो आप पिंपल्स व पिंपल्स के दागों से दूर रहते हैं. साथ ही टैनिंग की समस्या से भी मुक्ति पा सकते हैं.


जख्म भरे : अगर आपको कोई चोट लगी हुई है, या कोई घाव है, या फिर किसी कीड़े ने काट लिया है, तो होने वाली जलन से राहत पाने के लिए एलोवेरा का सेवन जरूर करें. ऐसा करने से आपके जख्म जल्दी भरेंगे.


झड़ते बाल व डैंड्रफ से छुटकारा : आजकल अधिकर लोग कम उम्र में ही गंजेपन का शिकार हो रहे हैं, वहीं कई ऐसे भी होंगे जो झड़ते बाल से निजात पाने के लिए रास्ता ढूंढ़ रहे होंगे. ऐसे में आप अपने कंडिशनर में केवल दो चम्मच एलोवेरा जेल मिला कर अगर बालों में लगाते हैं तो आप देखेंगे कि बालों में चमक के साथ-साथ मजबूती भी आ जाएगी.


जोड़ों के दर्द होंगे बंद : अगर आप जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो आप ताजा एलोवेरा जेल को जोड़ों पर लगाएं. आपको दर्द से राहत जरूर मिलेगी.


मोटापे से छुटकारा : कसरत व डाईट चार्ट को फालो करते-करते थक गए हैं तो अब आप एलोवेरा का सेवन करें. यह औषधि आपको प्राकृतिक रूप से वजन घटाने में आपकी सहायता करेगी.


साइनस से रहे दूर : अधिकांश लोगों को इस तरह की समस्या सर्दियों में बढ़ जाती है. ऐसे में दवाई लेना मजबूरी हो जाती है. यदि आप एलोवेरा का सेवन करते हैं तो साइनस की समस्या से दूर रह सकते हैं.


दांतों की देखभाल : दातों में होने वाली समस्या जैसे कैविटी, दाग-धब्बे, मसूड़ों में दर्द आदि को एलोवेरा से दूर किया जा सकता है. सबसे बड़ी बात यह कि आप हमेशा फ्रेश रहते हैं.


एलोवेरा एक एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर शरीर में होने वाली बीमारियों के खिलाफ एक कवच प्रदान करता है.

Source: food.ndtv.com

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Asian Games Live : विकास भी सेमीफाइनल में, बॉक्सिंग में भारत के 2 पदक पक्के

18वें एशियाई खेलों का आज 11वां दिन है. भारतीय खिलाड़ियों ने मंगलवार को बेहतरीन प्रदर्शन कर 9 मेडल जुटाए थे. बुधवार को भी अपने उसी प्रदर्शन को दोहराने के लिए भारतीय खिलाड़ी जोर आजमाइश करेंगे.

भारतीय मुक्केबाज अमित ने 49 किलो ग्राम भारवर्ग में अपना पदक पक्का कर लिया है. 18वें एशियाई खेलों के 11वें दिन अमित ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उत्तर कोरिया के मुक्केबाज रयोन किम जांग को 5-0 से मात दी. अब सेमीफाइनल में उनका सामना फिलीपींस के कार्लो पाल्लम से होगा. गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में अमित को रजत पदक मिला था.


विकास कृष्ण ने चीनी मुक्केबाज को पछाड़ा

भारत के अनुभवी मुक्केबाज विकास कृष्ण 75 किलो ग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं. इसके साथ ही विकास ने अपना पदक पक्का भी कर लिया है. क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विकास ने चीन के मुक्केबाज तांगलातिहान तोहेता को 3-2 से शिकस्त दी. दोनों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला. सेमीफाइनल में उनका मुकाबला कजाखस्तान के मुक्केबाज अबिलखान अमानकुल से होगा.

2014 इंचियोन एशियन गेम्स में विकास ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इस बार उनसे पदक के रंग को बदलने की उम्मीद की जा रही है. इसके अलावा पुरुषों के  64 किलो ग्राम भारवर्ग में धीरज रिंग में उतरेंगे. वहीं सरजूबाला देवी को महिलाओं की 51 किलो ग्राम भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है. सरजूबाला को चीन की मुक्केबाज चांग युआन ने 5-0 से शिकस्त दी.

टेबल टेनिस : मनिका-शरथ सेमीफाइनल में, पदक पक्का

मनिका बत्रा और अचंत शरथ कमल ने मिश्रित युगल वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली है. इसके साथ ही एक पदक भी पक्का हो गया है. भारतीय जोड़ी ने पांच गेमों तक चले बेहद रोमांचक मुकाबले में उत्तर कोरिया की सोंग जी एन और सिम हयो चा की जोड़ी को 4-11, 12-10, 6-11, 11-6, 11-8 से मात देकर अंतिम-4 का टिकट कटाया. सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन की सुन यिंगशा और वांग चुकिन की जोड़ी से भिड़ना होगा

उधर, भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल मुकाबले में चीन से भिड़ेगी. इसके अलावा महिलाओं की 200 मीटर रेस में दुती चंद से गोल्ड मेडल की उम्मीद की जा रही है. उल्लेखनीय है कि एशियन गेम्स के 10वें दिन भारत के एथलीटों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था. बुधवार को भारत के खाते में कुल 9 पदक आए थे.

Source: aajtak.intoday.in

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एशियन गेम्‍स में भारत के प्रदर्शन ने जगाई उम्‍मीद...

एशियन गेम्‍स 2018 में भारत के प्रदर्शन को लेकर काफी कुछ कहा जा रहा है हालांकि पिछले बार की तुलना में इस बार का प्रदर्शन को खराब नहीं कहा जा सकता. खासकर ऐसे खेलों में भारत उभर कर सामने आया जिसकी लोगों को उम्मीद नहीं थी- जैसे एथलेटिक्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, 100 मीटर और 200 मीटर की दौड़, भाला फेंकने जैसी प्रतियोगता में सफल होना भारत के लिए अच्छी खबर है. सबसे पहले शूटिंग में पदक आया वह भी एक 16 साल के एक लड़के ने गोल्ड जीता. सोचिए, हम सब 16 साल की उम्र में क्या कर रहे थे. फिर बैडमिंटन में भारत को सिल्‍वर और ब्रॉन्‍ज मेडल मिला. भारत के लिए पहली बार किसी एशियाई खेल में यह हो पाया है. ओलिंपिक में पीवी सिंधु को रजत मिल चुका है. इस एशियाड में उन्‍होंने यही कारनामा दोहराया और साइना नेहवाल ने भी कांस्य पदक जीता.


दो खेल ऐसे हैं जिनमें काफी प्रगति हुई है वह है शूटिंग और बैडमिंटन. मगर अब एथलेटिक्स ने लोगों को यह उम्‍मीद दी है कि आने वाला समय एथलीटों का होने वाला है. खासकर दुती चंद, हेमा दास और नीरज चोपड़ा, मंजीत सिंह, जिन्‍सन जॉनसन जैसे लोगों से काफी उम्मीदें हैं. इस सब के पीछे फेडरेशन और सरकार की मेहनत साफ दिख रही है.ओलिंपिक में पदक जीतने वाले एक पूर्व खिलाड़ी का खेल मंत्री होना भी एक बहुत बड़ा कारण है. राज्‍यवर्धन राठौड़ का गेम्स विलेज में खिलाड़ि‍यों को अपने हाथ से खाना परोसने की तस्वीर भी वायरल हो रही है.

इन खेलों को छोड़ दें तो हॉकी में हमारी टीम शानदार फॉर्म में है. कुश्ती में यदि सुशील कुमार के प्रदर्शन को छोड़ दें तो बाकी पहलवानों ने निराश नहीं किया. यही हाल बॉक्सिंग का है. मगर सबसे बड़ी निराशा कबड्डी टीम से हुई. महिला और पुरुष टीम ने हमेशा से सोना ही जीतती आई थी मगर इस बार ये सिलसिला टूट गया.दो स्वर्ण पदक हाथ से निकल गए. इसके पीछे कोच की नियुक्ति को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. कोच ने सीनियर प्लेयर को बाहर बैठाए रखा सही समय पर टाइम आउट या ब्रेक नहीं लिया,  लिहाजा सोना हमारे हाथ से निकल गया. सबसे मजेदार बात है कि जिस ईरान की महिला टीम ने सोना जीता, उसकी कोच भारतीय महिला हैं जिनका नाम है शैलजा जैन. उम्मीद की जानी चाहिए कि कबड्डी फेडरेशन इस एशियाड से कुछ सीखेगा. पिछले एशियाड में भारत ने 11 स्वर्ण 10 रजत और 36 कांस्य पदक जीते थे. मगर अभी तक भारत ने 9 स्वर्ण, 19 रजत और 22 कांस्‍य पदक जीते हैं.हॉकी और एथलेटिक्स में भारत को कुछ और स्वर्ण पदक मिलने की उम्मीद है और खेलप्रेमियों को यही आशा होगी कि भारत पिछले एशियाड के आंकड़ों को बेहतर कर सके और इस बार हुई भूलों को न दोहराया जाए. वैसे ओलंपिक और एशियाड के बारे में कहते हैं न कि जीतना जरूरी नहीं है भाग लेना जरूरी होता है और यही सच्ची खेल भावना है. यही वजह है कि सबसे पीछे रहने वाला खिलाडी भी रेस पूरा करके ही दम लेता है भले ही वो पदक से कितना भी दूर क्यों न रह जाए...

Source: khabar.ndtv.com

Wednesday, 22 August 2018

Xiaomi Launches Poco F1 With Snapdragon 845 SoC and Starting Price of Rs. 20,999 to Take on OnePlus 6

Poco F1, the first smartphone from Xiaomi's new sub-brand Poco, has launched in India. The brand is led by former Google executive and Xiaomi's Lead Product Manager Jai Mani, who unveiled the Poco F1 smartphone at an event in New Delhi on Wednesday. Xiaomi has announced four variants of the smartphone in the country and they come with up to 8GB of RAM and 256GB of inbuilt storage. The key highlights of the handset include a Qualcomm Snapdragon 845 SoC with LiquidCool Technology, a 6.18-inch display, 12-megapixel rear camera, and more. We already knew that the smartphone was exclusive to Flipkart and now other details like the Poco F1 price in India, booking process, and release date have been confirmed as well. Interestingly, the price for all the variants has been set in the sub-Rs. 30,000 segment. At the Poco F1 India launch event, the company also announced the smartphone will be launched in Hong Kong, Jakarta, and Paris on August 27.



Xiaomi Poco F1 price in India
The Xiaomi Poco F1 price in India starts from Rs. 20,999 for the 6GB RAM/ 64GB inbuilt storage variant. Meanwhile, the 6GB RAM/ 128GB inbuilt storage model has been priced at Rs. 23,999, and the 8GB RAM/ 256GB inbuilt storage model costs Rs. 28,999. The smartphone has a polycarbonate back and comes with Rosso Red, Steel Blue and Graphite Black colour options. Additionally, an Armoured Edition of the Poco F1 with 'real Kevlar' was also announced at the event, priced at Rs. 29,999. The online-only smartphone will be available via Flipkart and Mi.com starting from 12pm IST on August 29.

Buyers in the first sale will get a Rs. 1,000 instant discount on HDFC Bank credit and debit cards. Other launch offers include up to 6TB of data from Reliance Jio, with additional benefits up to Rs. 8,000. A soft-case will be bundled in box. An ultra-slim hard case priced at Rs. 399 will also be made available alongside. A Kevlar finished Armoured Case will also be made available at Rs 799. The company is also launching its first 'official skins', priced at Rs. 299. Even though it is a new sub-brand, it is worth noting that the servicing of the Poco F1 will be done by existing Xiaomi service centres.

Xiaomi Poco F1 specifications
The dual-SIM Xiaomi Poco F1 ships with MIUI 9.6 out-of-the-box based on Android 8.1 Oreo, though an MIUI 10 update is said to be coming soon. Also, the company has promised an Android P update as well. Xiaomi says that it is using customised version of MIUI for the Poco F1, optimised for speed, called MIUI for Poco. Its appearance of the interface has been changed, including notifications, and the Poco launcher looks closer to stock Android's UI. There are also features like third-party app icon support. The company will also provide support for custom ROMs, and to aid this process, will release the kernel on Github starting August 29 as a beta download for non-Xiaomi phones.

The Poco F1 sports a 6.18-inch display with 2.D curved Gorilla Glass 3 protection. The phone is powered by the Qualcomm Snapdragon 845 SoC that's been integrated with LiquidCool Technology. As mentioned, there are two RAM variants of the smartphone - 6GB and 8GB.

In terms of optics, the Xiaomi Poco F1 features a dual camera setup. There is a primary 12-megapixel Sony IMX363 sensor with 1.4-micron pixel, dual-pixel autofocus at the back. It is the same sensor that Xiaomi uses in smartphones like Mi 8 and Mi Mix 2s. Additionally, the camera 5-megapixel secondary depth sensor from Samsung. The front 20-megapixel camera also has HDR and AI Beautify features, with an IR light that powers the Face Unlock feature. Xiaomi says that the AI camera is tuned especially for India, and has scene recognition features. The company is also touting Dirac HD Sound support, with a Dual Smart PA.

The Poco F1 comes in 64GB/ 128GB/ 256GB inbuilt storage options, expandable via microSD card (up to 256GB) in a hybrid SIM slot configuration. Connectivity options in the smartphone include 4G+, VoLTE, Wi-Fi 802.11ac, Bluetooth v5.0, USB Type-C, 3.5mm headphone jack. Sensors on board the handset are accelerometer, ambient light sensor, digital compass, gyroscope, and proximity sensor. Notably, the smartphone is fuelled by a 4,000mAh battery with 18W charging support and Quick Charge 3 (charger bundled in box).

Source: gadgets.ndtv.com
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Father saves baby from sudden infant death syndrome in Pune

Talking about the miraculous recovery of the baby, Shah said, “There was no other history like fever, breathing difficulty, fast breathing or vomiting immediately before this life-threatening event when checked apart from being a premature baby with low birth weight.”

A one-month-old infant was rushed to a hospital at Kharadi after he suddenly fell unconscious and not breathing. The baby boy, Shivansh, reportedly had turned blue, cold and had even suffered multi-organ failure on arrival. The baby who without any apparent cause suffered the sudden morbidities is claimed as a living miracle by the team of doctors who treated him. The doctors credit the infant’s father for saving the child.

“The infant from Wagholi is a case of near miss sudden infant death syndrome (Sids), which is seen in 0.5 per cent of 1,000 live births. The mortality which commonly occurs due to this syndrome does not have any particular cause and when the baby was brought to us in July 11, he was in a critical shape,” said Dr Tushar Parikh, paediatric and neonatal department head at Motherhood Hospital.

“Quick thinking and brave decision of the father saved the infant. He was quick enough to administer cardiopulmonary resuscitation (CPR) on the baby. We found out that the baby had suffered from multi-organ failure like heart failure, kidney injury, bleeding problems and seizures due to lack of oxygen. Sids is a condition where babies die without any apparent cause. We suspected ‘near miss’ Sids in this baby. Timely intervention saved the baby’s life,” he said.

Dr Mubashir Shah, consultant neonatologist at the same hospital said, “The baby was brought to the emergency room by his parents in the middle of the night around 3 am. We noticed that the baby had turned blue and was not breathing. His heart rate was low and pulse was very weak. Resuscitative measures were started immediately to help the baby breathe along with chest compression to support his heart to pump blood. He was resuscitated and was put on ventilator and drugs to support cardiovascular system and improve blood pressure.”


Talking about the miraculous recovery of the baby, Shah said, “There was no other history like fever, breathing difficulty, fast breathing or vomiting immediately before this life-threatening event when checked apart from being a premature baby with low birth weight.”

Snehshankar Jha, the baby’s father and an IT professional, after coming home saw the baby in an unconscious state and not breathing. He said, “He lied near his mother blue and cold. This was in the middle of the night. I immediately started CPR and me and my wife rushed to the nearby hospital in Kharadi. Upon arrival he was immediately admitted to the NICU where he stayed for 11 days. The baby was discharged on July 22.”

Talking about prevention of SIDS, Dr Parikh recommended that babies should be put to sleep on their back (and not on stomach or on side) to reduce incidence of SIDS. Drinking of alcohol by parents and maternal smoking are linked with SIDS. However, no such risk factors were present in this case.

“There needs an awareness workshop and programme to avoid the mortality caused by SIDS. Many parents panic when they notice that their babies are not moving or breathing during their sleep. Increased awareness and education can save a baby’s life as SIDS can be only prevented through education and quick decision making of the parents,” Shah said.

Source: hindustantimes.com
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Kerala Floods Occurred Due To State Government's Mismanagement, Says Congress

The worst affected districts due to the floods were Idukki, Ernakulam, Thrissur, Pathanamthitta, Alappuzha and Wayanad which have the maximum number of dams.

Taking a dig at Pinarayi Vijayan-led government in Kerala, Congress leader Ramesh Chennithala on Wednesday said to the media that the floods in Kerala, the worst in a century, were man-made and it is due to lack of coordination between the Power Minister, the Water Resource Ministers and the Kerala State Electricity Board (KSEB).

"This monsoon, Kerala received 41.44 per cent more rains and all the (sluice gates of the) dams were opened without proper analysis or impact studies... People were totally unaware that the dams were being opened," he said.

In Kerala, the dams are managed either by the KSEB or the Water Resources Ministry. The worst affected districts due to the floods were Idukki, Ernakulam, Thrissur, Pathanamthitta, Alappuzha and Wayanad which have the maximum number of dams.

"The rains this season were far less than in 1924. The tragedy that took place this time was because weather forecasts were overlooked and callousness," the Congress leader said.

"The Idukki dam's maximum water capacity is 2,403 feet. Since July 15, its capacity had reached 90 per cent. On July 31, the water level was at 2,395.68 feet and Power Minister M.M. Mani said a trial run would be conducted when the level touches 2,397 feet.

"He did not do so. When the water level touched 2,398 feet on August 9, the first floodgate was opened," said Chennithala.

He said that in Chalakuddy in Thrissur district, one of the worst-hit places, the sluice gates of all the six dams were opened together.

"The Kerala government has failed to learn from the Ockhi disaster. The Chief Minister had promised to revamp the Disaster Management Authority by bringing in experts. That file is still in his office... This is nothing but a man-made disaster."

Dismissing Chennithala's allegations, Dam Safety Authority Chairman, Justice (retd) C.N. Ramachandran Nair said: "Things are being exaggerated and I do not believe all the allegations that have been raised are true."

KSEB Chairman N.S. Pillai agreed that the dams' sluice gates were opened simultaneously but the board operated based on proper planning and coordination.

"I can provide all the details of what and how we operated. Everything worked according to a proper plan," said Pillai.

Power Minister Mani said all the allegations would be looked into.

Revenue Minister E. Chandrasekheran said this was not a time to play blame games and "instead concentrate on the biggest relief operations the government is overseeing".

About one million people are sheltered in over 3,000 relief camps in Kerala following the devastating floods, the worst since 1924. The death toll since the monsoon rains began on May 29 has been estimated at around 370.

Source: mid-day.com
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Ind Vs Eng: Clinical India Fight Back With 203-Run Win In Third Test

India's cornered cricketers produced a fantastic collective performance to outclass England by 203 runs in the third Test to keep the five-match series alive, here today.

Needing only a wicket on the final morning, India completed the formalities in only 2.5 overs as England were all out for 317, well short of the mammoth victory target of 521 runs.
India now trail England 1-2 but more importantly got some breathing space after a heart-breaking defeat in Edgbaston, followed by the debacle at the Lord's.



The final wicket was taken by Ravichandran Ashwin, who dismissed James Amderson (11), caught by Ajinkya Rahane. The heartening aspect was the kind of domination shown by the Indian team in what can easily be termed as a complete performance under Virat Kohli's captaincy outside the sub-continent.

While openers KL Rahul and Shikhar Dhawan were solid if not spectacular, the new ball bowlers Ishant Sharma (2/32 and 2/70) and Mohammed Shami (1/56 and 1/78) were relentless in their attack.

Vice-captain Ajinkya Rahane (81 in first innings) and Test specialist Cheteshwar Pujara (72 in second innings) also put their hands up when it mattered the most. Hardik Pandya (five-for and half-century) produced an all-round performance with wickets and runs to justify his place and make a statement to the sceptics.

The slip catching improved by leaps and bounds with Rahul taking seven catches.
Rishabh Pant showed why he is considered a minefield of talent during his eventful stay at the crease.

Pant might still be a work in progress as far as glove-work is concerned but five catches in the first innings showed that it won't be easy for the first choice Test keeper Wriddhiman Saha to just walk back into the team once he gets fit.

Last but not the least was skipper himself. Easily the best batsmen across both sides, Kohli has now taken his tally of runs to 440 after knocks of 97 and 103 in the third Test.

Call it a coincidence, Kohli has accumulated exactly 200 runs in the first and third Test matches. 
With two hundreds and two half-centuries, Kohli has made sure that there are no debates on who is the best batsmen in world cricket currently. He has now scored hundreds in Australia, South Africa, New Zealand and England.

The Indian captain's ability to cut down on his scoring shots, showing patience when Jimmy Anderson was on fire was hallmark of his greatness.

Such has been his domination that the second-highest scorer across both the teams is Jonny Bairstow (206 runs) while Jos Buttler, after his maiden Test hundred, is placed third with 170 runs.
From India, Pandya with 160 runs, is the second best but it has a lot do with the batting debacles in the first two Test matches.

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Source: mid-day.com
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Wednesday, 8 August 2018

Why Social Media Marketing (SMM) is the Trendiest among other Marketing Stretegies?


Considering the way that 90% of clients looking through the web don't look any more remote than the primary page of the web search tool, and that 70% ticks on the initial three outcomes just, clearly the situation on the main page of the internet searcher is the main objective to take a stab at while advancing a site.

The principle objective of SMM is to enhance correspondence with clients, increment mark imperceptibility and achieve more (potential) clients.

Social Media Marketing Plans is being finished by making quality substance that the clients of interpersonal organizations share with their companions .

SMM depends on the rule of natural hunt, which fundamentally implies that when the site or its associated informal community page is more dynamic, the site's situation on web indexes rises, i.e. it will be in observed the initial couple of results.  The purpose of SMM is to acquire coordinate input from clients (or potential clients), with the goal that the organization gets an individual stamp in the meantime, i.e. it seems more human-like.

By methods for intelligent alternatives on informal organizations, the clients find the opportunity to be heard, either by making inquiries or by making dissensions.  This kind of SMM is called Social Customer Relation Management (Social CRM), which can additionally prompt improving believably and rate of profitability (ROI), obviously, if the clients are happy with content, association with the organization and the administration gave. Buy Facebook Promotion Services in Delhi.

So also to Search Engine Optimization (SEO), SMO pulls in new, one of a kind guests to the focused on site.

For what reason would web indexes look after informal organizations? Basically in light of the fact that numerous individuals utilize their online networking to scan for things, share joins and accordingly partake in building a solid system of connections.

Informal communities which can be utilized as a methods for SMM are Facebook, Twitter, Pinterest, Google+ ,LinkedIn, Instagram, and so on. To Buy LinkedIn Promotion in India.

Every informal community has its own particular Terms of Use, which I distinctive for common people and lawful elements, i.e. organizations.

What just organizations get is the choice of propelling a paid advertisement crusade to achieve more extensive gatherings of people, in this manner enhancing movement towards a site or a focused on website page. To View our Best Digital Marketing Services please visit.


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